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प्राचीन इतिहास

स्वर्ग कहा है? Where is Heaven ( Swarg)?

स्वर्ग कहा है? Where is Heaven ( Swarg)? स्वर्ग की खोज और देवों का रहस्य . ....यथार्थ के धरा तल पर प्रतिष्ठित एक आधुनिक शोध है। - प्रस्तुत शोध --- योगेश कुमार रोहि के द्वारा प्रमाणित श्रृंखलाओं पर आधारित है ! स्वर्ग कहा

आल्हा की जीवनी (Biography of Aalha in Hindi): आल्हा-ऊदल किस जाति के थे?

आल्हा कौन थे? Who was Aalha? आल्हा ( Aalha ) बनाफर कुल के यादव (अहीर) थे । आल्हा ( Aalha) के पिता का नाम दसराज ( Dasraj) और माता का नाम देवला ( Dewal) था। आल्हा के छोटे भाई का नाम ऊदल ( udal) था और वह भी वीरता में अपने भाई से बढ़कर ही

Lord Krishna was Yadav or Rajput in Hindi ? भगवान कृष्ण यादव थे कि राजपूत ?

Lord Krishna was Yadav or Rajput in Hindi? भगवान कृष्ण यादव थे या राजपूत ? सबसे पहले ये जानते हैं कि यादव होता कौन है ? पुराणों के अनुसार सोमवंशी राजा ययाति के बड़े पुत्र महाराज यदु के वंशजो को यादव कहा जाता है। यादवों अपना जीवन यापन

ओ३म् (ऊँ) शब्द के उच्चारण करने पर शूद्र अथवा निम्न समझी जाने वाली जन-जातियाें की जिह्वा….

जिस ओ३म् (ऊँ) शब्द के उच्चारण करने पर शूद्र अथवा निम्न समझी जाने वाली जन-जातियाें की जिह्वा का रूढि वादी परम्पराओं के अनुगामी ब्राह्मण उच्छेदन तक कर देते थे । जिस ओ३म् (ऊँ) शब्द के उच्चारण करने पर शूद्र अथवा निम्न समझी जाने वाली

मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति

मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति!- Manusmriti about Woman in Hindi ब्राह्मणस्य द्विजस्य वा भार्या शूद्रा धर्म्मार्थे न भवेत् क्वचित्। रत्यर्थ नैव सा यस्य रागान्धस्य प्रकीर्तिता ।। (विष्णु- स्मृति) अर्थात्‌ ब्राह्मण के लिए

रोमन साम्राज्य का प्रमुख धर्म था

रोमन धर्म प्राचीन रोम नगर और इटली देश का सबसे मुख्य- और राजधर्म था। रोमनों का जन्म रोमांस 'मूल भेड़िया कब्रों समनी प्राचीन दक्षिणी इटली के केंद्र से पहाड़ी पर रहने वाले प्राचीन लड़ाकू जनजाति थे। ये जनजातियां, जो ओस्कैन से बात की थी

Jadon: जदोैन का विशिष्ट उल्लेख

हिब्रू भाषा में YAH-dun नाम का अर्थ: है।धन्यवाद;  एक न्याधीश ---जो  सत्य से सत्य को तथा असत्य से असत्य को जोड़ता है।भगवान द्वारा न्याय किया; "भगवान ने सुना है"इस बाइबिल के इस ईसाई नाम के पीछे की कहानी नहेम्याह की पुस्तक में इस नाम का एक

जो ब्राह्मण मांस नहीं खाएगा वह 21 बार पशु योनी में पैदा होगा: मनुस्मृति (5/35)

जो ब्राह्मण मांस नहीं खाएगा वह 21 बार पशु योनी में पैदा होगा-मनुस्मृति (5/35) जो ब्राह्मण मांस नहीं खाएगा वह 21 बार पशु योनी में पैदा होगा-मनुस्मृति (5/35): है, जिसमें लिखा गया है कि किसी भी स्त्री के विधवा होने पर उसके बाल काट दो, सफेद

जातिः परा न विदिता भुवि गोपजातेः

गाःपालयन्ति सततं रजसो गवां च गंगां स्पृशन्ति च जपन्ति गवां सुनाम्नाम् । प्रेक्षन्त्यहर्निशमलं सुमुखं गवां च जातिः परा न विदिता भुवि गोपजातेः ॥ २२ ॥ अर्थ • गोप सदा गौओं का पालन करते हैं, और गोरज की गंगा में नहाते तथा, उसका स्पर्श करते

पहली बार देखिए स्वर्ग की 10 तस्वीरें ! सत्य बनाम कल्पना

स्वर्ग क्या है केवल सुर जन-जाति का अस्तित्व जर्मनिक जन-जातियाें की पूर्व शाखा के रूप में नॉर्स कथाओं में वर्णित हैं ।यह भारतीय संस्कृति की दृढ़ मान्यता है ,सुर { स्वर } जिस स्थान { रज} पर पर रहते थे उसे ही स्वर्ग कहा गया है —“स्वरा:

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